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डिलीवरी के बाद मां और शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² कैसे करनी चाहिà¤,
बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देने के बाद शिशॠके साथ साथ मां को à¤à¥€ विशेष देखरेख की जरूरत होती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस बीच उसका शरीर काफी कमजोर हो जाता है. इस मामले में विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन की गाइडलाइंस आपके काम की हो सकती हैं.
à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देते समय मां को कई तरीके की तकलीफों को सहना पड़ता है. डिलीवरी (Delivery) के बाद महिलाओं का शरीर काफी कमजोर हो जाता है. à¤à¤¸à¥‡ में नवजात शिशॠके साथ साथ महिलाओं को à¤à¥€ विशेष देखà¤à¤¾à¤² की जरूरत होती है. अगर à¤à¤¸à¤¾ न किया जाठतो महिलाओं को कम उमà¥à¤° में ही तमाम परेशानियां घेर सकती हैं. वहीं अगर शिशॠ(Baby) की देखà¤à¤¾à¤² ठीक से न हो पाठतो उसके लिठà¤à¥€ तमाम समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ पैदा हो सकती हैं. जो महिलाà¤à¤‚ अकेले रहती हैं या पहली बार मां बन रही हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इन बातों की जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जानकारी नहीं होती है. à¤à¤¸à¥‡ में विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन (World Health Organization) यानी डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“ की पोसà¥à¤Ÿà¤ªà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤® केयर गाइडलाइंस आपके लिठमददगार हो सकती हैं.
जानें कà¥à¤¯à¤¾ कहती है डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“ की गाइडलाइंस
1. डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“ की गाइडलाइंस के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के बाद हर मां की बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग को लेकर काउंसलिंग जरूर करानी चाहिà¤. इससे मन के सारे à¤à¥à¤°à¤® दूर हो जाà¤à¤‚गे और महिला को समठमें आ जाà¤à¤—ा कि बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग कराने से सिरà¥à¤« बचà¥à¤šà¥‡ को ही पोषण नहीं मिलता, बलà¥à¤•ि मां को à¤à¥€ सेहत संबनà¥à¤§à¥€ तमाम लाठमिलते हैं. इसके अलावा अगर महिला पहली बार मां बनी है तो उसे समठमें आ जाà¤à¤—ा कि बचà¥à¤šà¥‡ को फीड कैसे कराना है. मां का दूध बचà¥à¤šà¥‡ के लिठसरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® आहार माना गया है.
2. बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देने के बाद के कम से कम 24 घंटे बेहद अहम होते हैं. इस दौरान मां और बचà¥à¤šà¥‡ दोनों की उचà¥à¤š गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ वाली देखà¤à¤¾à¤² करनी चाहिà¤.नवजात शिशॠकी सही तरीके से देखà¤à¤¾à¤² हो सके, इसके लिठशिशॠके माता-पिता दोनों को मिलकर जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ उठानी चाहिà¤.
3. डिलीवरी के बाद महिलाओं का शरीर पहले जैसा नहीं रहता. इसे वापस पहले की तरह बनाने में समय लगता है. à¤à¤¸à¥‡ में अकà¥à¤¸à¤° महिलाà¤à¤‚ पोसà¥à¤Ÿà¤ªà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤® डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की शिकार हो जाती है. à¤à¤¸à¥‡ में महिलाओं की नियमित रूप से सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤‚ग जरूर होनी चाहिà¤. इसके अलावा डिलीवरी के बाद विशेषजà¥à¤ž के निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° महिला को अपना हेलà¥à¤¥ चेकअप समय समय पर कराते रहना चाहिà¤.
4. बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देने के बाद मां का शरीर बहà¥à¤¤ कमजोर हो जाता है. वहीं बचà¥à¤šà¥‡ के फीड करने से à¤à¥€ शरीर पर असर पड़ता है. à¤à¤¸à¥‡ में महिला को पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र डाइट की जरूरत होती है. इस दौरान महिला को अपनी डाइट में साबà¥à¤¤ अनाज, सबà¥à¤œà¥€ और फल के साथ-साथ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से यà¥à¤•à¥à¤¤ चीजों को खाना चाहिà¤. शरीर में पानी की किसी à¤à¥€ तरह कमी न होने दें.
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